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Showing posts from September, 2020

चुँहिया🐀 का स्वयंवर

       गंगा नदी के तट पर एक धर्मशाला थी। वहां एक गुरु जी रहा करते थे। वह दिनभर तप और ध्यान में लीन होकर अपना जीवन यापन करते थे।        एक दिन जब गुरु जी नदी में नहा रहे थे, उसी समय एक बाज अपने पंजे में एक चुहिया लेकर उड़ा जा रहा था। जब बाज गुरु जी के ऊपर से निकला तो, चुहिया अचानक बाज के पंजे से फिसलकर गुरु जी की अंजुली में आकर गिर गई।       गुरु जी ने सोचा कि अगर उन्होंने चुहिया को ऐसे ही छोड़ दिया, तो बाज उसे खा जाएगा। इसलिए, उन्होंने चुहिया को अकेला नहीं छोड़ा और उसे पास के बरगद के पेड़ के नीचे रख दिया और खुद को शुद्ध करने के लिए फिर से नहाने के लिए नदी में चले गए।       नहाने के बाद गुरु जी ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके चुहिया को एक छोटी लड़की में बदल दिया और अपने साथ आश्रम ले गए। गुरु जी ने आश्रम पहुंचकर सारी बात अपनी पत्नी को बताई और कहा कि हमारी कोई संतान नहीं है, इसलिए इसे ईश्वर का वरदान समझ कर स्वीकार करो और इसका अच्छे से लालन-पालन करो।        फिर उस लड़की ने स्वयं गुरु जी की देखरेख में...

अकबर-बीरबल की कहानी: कौन है असली मां?

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एक बार शहंशाह अकबर के दरबार में बहुत ही अजीब मुकदमा आया, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।  हुआ यूं कि ---                बादशाह अकबर के दरबार में दो महिलाएं रोती हुई पहुंची। उनके साथ में लगभग 2 या 3 साल का सुंदर-सा बच्चा भी था। दोनों महिलाएं लगातार रो रही थीं और साथ ही दावा कर रही थीं कि बच्चा उनका है। अब समस्या ये थी कि दोनों शहर के बाहर रहती थीं, जिस कारण उन्हें कोई नहीं जाता था। इसलिए, यह बताना मुश्किल था कि उस नन्हे से बच्चे की असली मां कौन है। अब अकबर बादशाह के सामने मुसीबत आ गई कि न्याय कैसे करें और बच्चा किसको दें। इस बारे में उन्होंने एक-एक करके सभी दरबारियों की राय ली, लेकिन कोई भी इस गुत्थी को नहीं सुलझा सका और तभी बीरबल दरबार में पहुंच गए। बीरबल को देखकर बादशाह अकबर की आंखों में मानो चमक आ गई हो। बीरबल के आते ही अकबर ने इस समस्या के बारे में उन्हें बताया। अकबर ने बीरबल से कहा कि अब तुम ही इस समस्या का समाधान करो।        बीरबल कुछ सोचते रहे और फिर जल्लाद को बुलाने के लिए कहा। जल्लाद के आते ही ब...